NCVT और SCVT में क्या अंतर है, कौन बेहतर है ?
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NCVT और SCVT में क्या अंतर है, कौन बेहतर है ?

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दसवीं के बाद जो छात्र भी आईटीआई करने की सोचते हैं, उनके लिए आईटीआई से जुड़ी कुछ जरूरी बातें जानना बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्हीं में से एक जरूरी बात है कि उनका आईटीआई संस्थान NCVT से मान्यता प्राप्त है या SCVT से।

इस आर्टिकल में आपको एनसीवीटी (NCVT) और एससीवीटी (SCVT) के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।

इससे पहले कि हम यह जाने की एनसीवीटी और एससीवीटी में क्या अंतर होता है, और दोनों में से कौन बेहतर है, हमें यह जानना चाहिए कि एनसीवीटी और एससीवीटी होता क्या है?

एनसीवीटी (NCVT) क्या होता है?

एनसीवीटी का मतलब नेशनल काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग होता है, यह काउंसिल राष्ट्रीय स्तर पर काम करता है, मतलब पूरे भारत भर के लिए
और आसान भाषा में कहें तो वोकेशनल ट्रेनिंग का मतलब व्यवसायिक प्रशिक्षण होता है।

एनसीवीटी का फुल फॉर्म नेशनल काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग होता है।

एनसीवीटी भारत सरकार की एक संस्था है, जिसका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि भारत के सभी आईटीआई जो एनसीवीटी के अंतर्गत आते हैं, में मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट और भारत सरकार के सभी नियम पूरी तरह फॉलो हो रहे हैं।

एनसीवीटी की स्थापना 1956 में की गई थी, जो भारत सरकार की एक एडवाइजरी बॉडी के रूप में काम करती है।

सरकार का यह लक्ष्य होता है कि आईटीआई करने वाले स्टूडेंट्स को एक अच्छा प्रोफेशनल नॉलेज मिले, ताकि वह नए स्किल्स सिख सके और टेक्निकल काम कर सकें।

इसके लिए आईटीआई संस्थानों को कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होता है, और वह सभी शर्त मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग और गवर्नमेंट ऑफ इंडिया बनाती हैं, जिसे एनसीवीटी सभी आईटीआई संस्थानों में लागू करवाती है।

एनसीवीटी के काम को आसान भाषा में समझे, तो जैसे किसी इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए एआईसीटीई और यूजीसी होता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी इंजीनियरिंग कॉलेज की लैब फैसिलिटी, फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, करिकुलम आदि आधुनिक मानकों के अनुसार हो।

उसी तरह एनसीवीटी आईटीआई संस्थानों की निगरानी करता है, और यह सुनिश्चित करता है कि सभी आईटीआई सभी आधुनिक मानक जो कि उनके इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब फैसिलिटी, वर्कशॉप, फैकल्टी, आदि के बारे में होता है, को पूरा कर रहे हैं।

एनसीवीटी के प्रयासों के कारण ही आज आईटीआई संस्थानों में बहुत सारे जरूरी परिवर्तन आए हैं और शिक्षा की क्वालिटी बहुत बेहतर हुई है।

एससीवीटी (SCVT) क्या होता है?

एससीवीटी का मतलब स्टेट काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग होता है तो जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है यह काउंसिल राज्य स्तर पर काम करता है।

एससीवीटी का काम भी एनसीवीटी की तरह ही आईटीआई संस्थानों की निगरानी करना होता है, लेकिन राज्य स्तर पर।

हर राज्य का अपना अलग-अलग SCVT होता है, जिसका काम उस राज्य के आईटीआई संस्थानों में सभी जरूरी नियम का पूरी तरह पालन हो रहा है, सुनिश्चित करना होता है।

आज भारत के अधिकतर आईटीआई संस्थान एनसीवीटी के अंतर्गत आते हैं और कुछ ही आईटीआई कॉलेज एससीवीटी के अंतर्गत रह गए हैं।

एनसीवीटी और एससीवीटी के बीच अंतर

आज से कुछ सालों पहले तक एनसीवीटी और एससीवीटी के बीच बहुत बड़ा अंतर हुआ करता था, जिसके कारण कई बार छात्रों को भी और नौकरी देने वालों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
जिसे देखते हुए भारत सरकार ने और राज्य सरकारों ने मिलकर एनसीवीटी और एससीवीटी के बीच के अंतर को खत्म करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए।

जिसके बाद आज एनसीवीटी और एससीवीटी लगभग एक समान है, फिर भी कुछ अंतर जो एनसीवीटी और एससीवीटी में है, वह निम्न है-

  • एनसीवीटी पूरे देश के लिए काम करता है जबकि एससीवीटी किसी राज्य के लिए काम करता है।
  • एनसीवीटी में एग्जाम सेमेस्टर वाइज होता है, जबकि आज भी कुछ एससीवीटी में इयरली एग्जाम होता है।
  • एनसीवीटी के ऑफिशियल वेबसाइट पर आप सभी जरूरी जानकारी एक जगह पर देख सकते हैं, जबकि हर राज्य के एससीवीटी के लिए अलग-अलग वेबसाइट होता है।
  • एनसीवीटी के अंतर्गत पूरे भारत के 15000 से ज्यादा आईटीआई संस्थान आते हैं,जबकि पूरे भारत के सभी एससीवीटी के अंतर्गत भी बहुत ही कम आईटीआई संस्थान ही आते हैं।
  • आज भी कुछ प्राइवेट नौकरियों में एससीवीटी वालों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि एनसीवीटी वाले को पूरे भारत ही नहीं, किसी अन्य देश में भी नौकरी मिलने में कोई परेशानी नहीं होती है।

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एनसीवीटी एमआईएस (NCVT mis) क्या होता है?

एनसीवीटी एमआईएस का मतलब एनसीवीटी मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम होता है।

एनसीवीटी एमआईएस एक एडमिनिस्ट्रेटिव इनफॉरमेशन सिस्टम है, जहां कंप्यूटराइज्ड डेटाबेस डिटेल सभी आईटीआई संस्थानों का, उनमे होने वाले एनरोलमेंट का, फैकल्टी मेंबर्स का और संसथान के प्लेसमेंट का रिकॉर्ड रहता है।

इसके अलावा भी आईटीआई छात्रों को जो भी जरूरी जानकारी चाहिए होती है वह सब एनसीवीटी एमआईएस की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध रहता है।

छात्र एनसीवीटी एमआईएस की वेबसाइट पर बहुत सारा जरूरी इंफॉर्मेशन देख सकते हैं, कोई जरूरी डॉक्यूमेंट डाउनलोड कर सकते हैं, और अपने डॉक्यूमेंट को वेरीफाई कर सकते हैं।

एनसीवीटी एमआईएस पोर्टल आईटीआई के छात्रों आईटीआई के ट्रेनर और आईटीआई से जुड़ी नौकरी देने वाले सभी के लिए बहुत उपयोगी है।

एनसीवीटी एमआईएस की ऑफिशियल वेबसाइट ncvtmis.gov.in है।

एनसीवीटी और एसवीसीटी में कौन बेहतर है?

आज अगर देखा जाए तो एनसीवीटी और एससीवीटी के बीच ज्यादा अंतर नहीं रह गया है, और यह कहना कि इन दोनों में से कौन बेहतर है बहुत ही मुश्किल है।

आज आप अपना आईटीआई एनसीवीटी से करते हैं, या एससीवीटी से, बिना किसी अंतर के आप सभी तरह की सरकारी और प्राइवेट नौकरियां कर सकते हैं।
यहां तक की सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी देने वाली इंडियन रेलवे में भी, दोनों तरह की ही सर्टिफिकेट से आप नौकरी कर सकते हैं।

लेकिन एनसीवीटी के नियम पूरे देश के लिए एक समान होते हैं, इसलिए कई बार छात्रों को यह सलाह दी जाती है, कि अगर आपको एनसीवीटी का ऑप्शन मिल रहा है, तो आप उसे चुन सकते हैं।

तो अगर आपके पास एनसीवीटी और एससीवीटी दोनों का ऑप्शन हो, तो आप एनसीवीटी को ज्यादा प्रेफरेंस दें ,और अगर आपके पास एनसीवीटी का ऑप्शन ना हो तभी आप एससीवीटी आईटीआई संस्थान में ज्वाइन करें।

कुछ इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग ट्रेड्स एनसीवीटी और एससीवीटी के अंतर्गत

इंजीनियरिंग ट्रेड्स

  • आईटीआई इलेक्ट्रिशियन
  • फिटर
  • आईटीआई सर्वेयर
  • आईटीआई ड्राफ्टमैन सिविल
  • आईटीआई वेल्डर
  • आईटीआई कोपा
  • आईटीआई मोटर मैकेनिक व्हीकल
  • आईटीआई टर्नर
  • आईटीआई ऑटोमोबाइल
  • डीजल मैकेनिक
  • पंप ऑपरेटर
  • एसी एंड रेफ्रिजरेटर मैकेनिक
  • टूल एंड डाई मेकर
  • इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी

नॉन इंजीनियरिंग ट्रेड

  • फूड प्रोसेसिंग
  • ड्रेस मेकिंग
  • इंश्योरेंस एजेंट
  • स्टेनोग्राफर
  • लैब टेक्नीशियन
  • फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग
  • लेदर गुड्स मेकर
  • हैंड कंपोजिटर

मुझे आईटीआई सरकारी कॉलेज से करनी चाहिए या प्राइवेट कॉलेज से?

आज आप आईटीआई किसी गवर्मेंट कॉलेज से करते हैं या प्राइवेट कॉलेज से दोनों को बराबर ही वैल्यू मिलता है।

हां, यह जरूर होता है कि सरकारी आईटीआई संस्थान में ट्यूशन फीस बहुत कम होता है, जबकि प्राइवेट कॉलेज में आपको ज्यादा ट्यूशन फीस पे करना होता है।

तो अगर आप भी सरकारी आईटीआई कॉलेज ज्वाइन करने जा रहे हैं, तो यह ध्यान रखें कि वह कॉलेज एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त हो, और कॉलेज आपके घर के आस-पास हो तभी आप कम खर्च में अपना कोर्स पूरा कर पाएंगे।

Ajay Kumar

अजय कुमार एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं, जो एक दशक से अधिक समय से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनकी शिक्षा और टेक्नोलॉजी से संबंधित वेबसाइट और YouTube चैनल को लोगों ने काफी पसंद किया है। वह आसान भाषा में टेक्निकल टर्म को समझाने के लिए प्रसिद्ध हैं। यह लेख आपको कैसा लगा? अगर आपका कोई सुझाव या सवाल है, तो कृपया कमेंट करें । सोशल मीडिया पर लेखक को फॉलो करें।

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