आईटीआई और पॉलिटेक्निक में क्या अंतर है, दोनों में कौन बेहतर है
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आईटीआई और पॉलिटेक्निक में क्या अंतर है, दोनों में कौन बेहतर है

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आईटीआई और पॉलिटेक्निक में कोर्स में क्या अंतर है, और दोनों में से कौन सा कोर्स बेहतर है

इस सवाल का जवाब हर उस स्टूडेंट को जानना जरूरी है, जिसने 10वीं या 12वीं पास कर ली है, और आगे एक ऐसा टेक्निकल कोर्स करना चाहता है, जिसमें अच्छे जॉब की संभावना हो

इस आर्टिकल में आपको आईटीआई और पॉलिटेक्निक के बीच का सही कंपैरिजन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए समझाया जाएगा

बहुत सारे पॉइंट है, जिन को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है, जब हम आईटीआई और पॉलिटेक्निक कोर्स को कंपेयर कर रहे हैं, जैसे कि दोनों कोर्स का ड्यूरेशन, दोनों कोर्स का फीस, कॉलेज की उपलब्धता, हायर एजुकेशन के चांसेस, नौकरी के चांसेस, प्रमोशन के चांसेस, सैलरी क्या मिलेगा, सभी बातों को आप को इस आर्टिकल में समझाया जाएगा

इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की तुलना आपको आसान भाषा में समझाई जाएगी, उसके बाद आप अपने साथ संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार, इन दो तकनीकी पाठ्यक्रमों में से आपके लिए सर्वोत्तम पाठ्यक्रम के बारे में निर्णय ले पाएंगे।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक कोर्स का लेवल

आईटीआई और पॉलिटेक्निक कोर्स के लेवल की बात करें तो आईटीआई कोर्स टेंथ लेवल का होता है, मतलब आईटीआई कोर्स करने के बाद आप आईटीआई या 10th लेवल के ही सभी तरह के नौकरी के लिए अप्लाई कर पाएंगे

जबकि पॉलिटेक्निक कोर्स का लेबल इंटरमीडिएट होता है, मतलब आप पॉलिटेक्निक या इंटर लेवल के सभी नौकरी के लिए एलिजिबल होंगे

तो यहां कोर्स के लेवल के अनुसार देखा जाए तो पॉलिटेक्निक या डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग कोर्स करना ज्यादा फायदेमंद रह सकता है

क्योंकि अगर आईटीआई करने के बाद आप इंटरमीडिएट का सर्टिफिकेट भी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको आईएससी के लैंग्वेज पेपर का अलग से एग्जाम लिखना होगा, या आईटीआई कोर्स के साथ ही एनआईओएस बोर्ड से इंटरमीडिएट भी करना होगा

कोर्स की अवधि

आईटीआई 2 साल का कोर्स होता है, जबकि पॉलिटेक्निक 3 साल का कोर्स होता है, तो यहां आईटीआई करने वाले स्टूडेंट्स को फायदा रहता है, कि वह 2 साल बाद ही वह कहीं काम करना शुरू कर दे सकते हैं

जबकि पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों को 3 साल के कोर्स का फायदा यह होता है कि उनको सब्जेक्ट का अच्छा नॉलेज हो जाता है, और आगे के हायर एजुकेशन के लिए उनके पास, कई तरह के ऑप्शंस उपलब्ध हो जाते हैं

कोर्स का फीस

आईटीआई और पॉलिटेक्निक फीस के बारे में बात करें, तो जहां आईटीआई का फीस थोड़ा कम होता है, वही पॉलिटेक्निक के लिए आपको ज्यादा फीस पे करना होता है

जैसे अधिकतर सरकारी आईटीआई कॉलेज का फीस 5 से ₹10000 सालाना के अंदर होता है, वही सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज का फीस 10000 से ₹20000 सालाना तक होता है

वहीं अगर प्राइवेट आईटीआई कॉलेज के फीस की बात करें तो फीस ₹40000 सालाना तक भी होता है, कुछ कॉलेजेस का

वही पॉलिटेक्निक के लिए आपको प्राइवेट कॉलेज में सालाना ₹50000 तक भी पे करना पड़ सकता है

सरकार की तरफ से आर्थिक मदद

पॉलिटेक्निक और आईटीआई दोनों ही कोर्स के लिए राज्य सरकारें अपने तरफ से आर्थिक मदद देती है

सरकारी आईटीआई में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स जो फीस पे करते हैं, वह सरकार कई तरह की योजनाओं के तहत छात्रों को वापस कर देती है, लेकिन प्राइवेट कॉलेज से आईटीआई करने वाले छात्रों को अपना फीस अपनी तरफ से ही पे करना होता है

जबकि पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों को सरकार सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह से ही कॉलेज के लिए कई तरह के वेलफेयर स्कीम के माध्यम से फायदा देती है

कॉलेज की उपलब्धता

अगर कॉलेज की उपलब्धता के बारे में बात की जाए तो पॉलिटेक्निक कॉलेज की अपेक्षा आईटीआई कॉलेज बहुत बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं, चाहे बात प्राइवेट कॉलेज की हो या सरकारी
आप अपने आसपास भी देख सकते हैं, कि आईटीआई के बहुत सारे संस्थान होंगे, जबकि पॉलिटेक्निक के लिए कुछ ही संस्थान उपलब्ध होंगे

तो यहां उन छात्रों को ज्यादा फायदा है, जो आईटीआई करते हैं, क्योंकि उनको अपने घर के आस-पास भी आईटीआई कॉलेज मिल जाने की पूरी उम्मीद रहती है, जिससे वे कम खर्च में अपना कोर्स पूरा कर पाते हैं

हायर एजुकेशन के चांसेस

आईटीआई करने के बाद आप हायर एजुकेशन के तहत पॉलिटेक्निक कर सकते हैं, यहां आपको फायदा होता है, कि आप पॉलिटेक्निक 2 साल में ही पूरा कर पाएंगे

जबकि अगर आपने पॉलिटेक्निक कोर्स ही दसवीं के बाद ज्वाइन किया है, तो आप पॉलिटेक्निक के बाद ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग कर सकते हैं

अगर आप इंजीनियरिंग में एडमिशन लेना चाहे, तो आपको लेटरल एंट्री के थ्रू सीधे सेकंड ईयर में एडमिशन मिल जाएगा

आपने आईटीआई या पॉलिटेक्निक के दौरान जो ब्रांच लेकर पढ़ाई किया होगा, उसी से संबंधित ब्रांच में ही आपको पॉलिटेक्निक या इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन मिल पाएगा

नौकरी के मौके

आईटीआई करने के बाद आप 10वीं और आइटीआइ के लिए उपलब्ध सभी नौकरियों को कर पाएंगे

वहीं पॉलिटेक्निक करने वाले छात्र इंटरमीडिएट और पॉलिटेक्निक लेवल के सभी नौकरियों के लिए अप्लाई कर पाएंगे

अगर देखा जाए तो अधिकतर नौकरियां जो आईटीआई वालों के लिए होती है, उसमें पॉलिटेक्निक के छात्र भी अप्लाई कर पाते हैं
लेकिन बहुत सारी ऐसी नौकरियां जो डिप्लोमा के स्टूडेंट्स के लिए होती है, उसमें आईटीआई वाले छात्र अप्लाई नहीं कर पाते हैं

जैसे कि इंडियन रेलवे के लोको पायलट जॉब के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक दोनों छात्र अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन रेलवे में ही जूनियर इंजीनियर के पोस्ट के लिए केवल पॉलिटेक्निक के छात्र अप्लाई कर सकते हैं, आईटीआई वाले नहीं

कई राज्य सरकारों ने अपने जूनियर इंजीनियर के पोस्ट के लिए पॉलिटेक्निक स्टूडेंट्स को रिजर्वेशन दे रखा है, मतलब केवल पॉलिटेक्निक स्टूडेंट ही उनके जूनियर इंजीनियर पोस्ट के लिए अप्लाई कर पाएंगे

वहीं भारत सरकार ने अपने कई पोस्ट के लिए आईटीआई वालों को रिजर्वेशन दे रखा है, मतलब उन पोस्ट पर केवल आईटीआई स्टूडेंट ही अप्लाई कर पाएंगे

पॉलिटेक्निक और आईटीआई के बाद मिलने वाला पोस्ट

आईटीआई करने के बाद जब आप कहीं काम करना शुरू करते हैं, तो एक ट्रेंड वर्कर या टेक्नीशियन के रूप में काम करते हैं

जबकि पॉलिटेक्निक करने के बाद आप जूनियर इंजीनियर के पोस्ट पर काम करते हैं

तो यहां पॉलिटेक्निक करने वाले छात्रों को बहुत बड़ा बेनिफिट मिल जाता है, क्योंकि आईटीआई कर चुके छात्रों को पॉलिटेक्निक कर चुके छात्रों के नीचे काम करना होता है

सैलरी

पॉलिटेक्निक कर चुके छात्रों को जहां शुरुआती सैलरी 10 से ₹15000 तक मिल जाती है, वहीं आईटीआई करने वाले छात्रों को शुरुआती सैलरी 7 से ₹10000 तक मिल पाती है,

तो शुरुआत में अच्छी सैलरी मिलने का के कारण पॉलिटेक्निक वालों की सैलरी जल्दी एक अच्छे लेवल पर पहुंच जाती है, जबकि आईटीआई वालों को थोड़ा ज्यादा समय लगता है अच्छी सैलरी पाने में

अगर कोई छात्र पॉलिटेक्निक कोर्स करने के बाद विदेश में जाकर नौकरी करता है तो उसकी सैलरी आईटीआई कर चुके छात्र से काफी ज्यादा होती है

जहां पॉलिटेक्निक कर चुके छात्रों को ₹100000 महीने की सैलरी आसानी से मिल जाती है वही आईटीआई वालों को ₹50000 के लगभग की सैलरी मिल पाती है

प्रमोशन के चान्सेस

पॉलिटेक्निक कर चुके छात्र जब जूनियर इंजीनियर के पोस्ट पर काम करना शुरू करते हैं, तो कुछ सालों के बाद वह इंजीनियर का पोस्ट भी हासिल कर लेते हैं

जबकि आईटीआई कर चुके छात्रों को प्रमोशन लेने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है

आईटीआई और पॉलिटेक्निक में कौन बेहतर कोर्स है?

ऊपर समझाएं गए सभी तथ्यों को देखते हुए आप आसानी से कह सकते हैं, कि अगर किसी स्टूडेंट के पास समय और थोड़ा सा पैसा उपलब्ध है, तो पॉलिटेक्निक कोर्स एक ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है

पॉलिटेक्निक कोर्स के साथ आपको अच्छे लेवल का सर्टिफिकेट मिलता है, आप अच्छे पोस्ट पर नौकरी कर सकते हैं
नौकरी में आपको अच्छी सैलरी मिल सकती हैं, हायर एजुकेशन में आप अच्छे लेवल का कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं, और प्रमोशन भी जल्दी ही मिल जाएगा

अगर किसी छात्र को ज्यादा पढ़ाई करने की इच्छा नहीं है या उनके पास जरूरी रिसोर्सेज नहीं है, तो वह आईटीआई कोर्स करके टेक्निकल जॉब्स प्राप्त कर सकते हैं

बाकी छात्र जिनको टेक्निकल फील्ड में आगे जाना है, उनके लिए कम खर्च और कम समय में पॉलिटेक्निक करना ज्यादा अच्छा रहेगा

Ajay Kumar

अजय कुमार एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं, जो एक दशक से अधिक समय से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उनकी शिक्षा और टेक्नोलॉजी से संबंधित वेबसाइट और YouTube चैनल को लोगों ने काफी पसंद किया है। वह आसान भाषा में टेक्निकल टर्म को समझाने के लिए प्रसिद्ध हैं। यह लेख आपको कैसा लगा? अगर आपका कोई सुझाव या सवाल है, तो कृपया कमेंट करें । सोशल मीडिया पर लेखक को फॉलो करें।

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