10वी के बाद कैरियर विकल्प- वेतन, कोर्सेस Hindi me career
career options after 10th in Hindi

10वी के बाद कैरियर विकल्प- वेतन, कोर्सेस Hindi me career

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10वी के बाद कैरियर विकल्प (10vi ke baad career vikalp) क्या-क्या हो सकते हैं, यह सही ढंग से जानना सभी 10th पास करने वाले स्टूडेंट्स के लिए बहुत जरूरी है।

इंडियन एजुकेशन सिस्टम मे क्लास 10th वह पहला पड़ाव होता है, जब किसी स्टूडेंट को अपना कैरियर अपने इंटरेस्ट या जरूरत के हिसाब से चूज़ करने का मौका मिलता है। 

हमारे एजुकेशन सिस्टम में दसवीं तक सारे स्टूडेंट्स को सारे सब्जेक्ट पढ़ने होते हैं। 

हमारे एजुकेशन सिस्टम मानता है कि सारे स्टूडेंट्स को सारे ही बेसिक और डे टुडे लाइफ में यूज होने वाले सब्जेक्ट का एक बेसिक नॉलेज होना जरूरी है।

 इसीलिए दसवीं तक सभी स्टूडेंट्स को साइंस, मैथ्स, इंग्लिश, और अदर रीजनल लैंग्वेज पढ़ाए जाते हैं। 

अब जब कोई स्टूडेंट दसवीं पास करता है तो उसके पास सभी सब्जेक्ट का एक बेसिक नॉलेज हो चुका होता है। 

अब जरूरत होती है की स्टूडेंट अपने इंटरेस्ट और जरूरत के हिसाब से अपने हायर एजुकेशन में अपना सब्जेक्ट चुन सके और उन सब्जेक्ट में अच्छा कर सकें।

किसी भी स्टूडेंट के लाइफ का यह एक बहुत हुई महत्वपूर्ण समय या  टर्निंग पॉइंट होता है।  

स्टूडेंट जो सब्जेक्ट अभी चूज़ करेगा उसी में आगे उसे कैरियर बनाना होगा।  

तो जरूरत होती है कि स्टूडेंट अपने इंटरेस्ट के अनुसार अपना कोर्स डिसाइड करें। 

बहुत सारे स्टूडेंट्स को यह डर होता है कि कहीं वह जो डिसीजन लेने जा रहे हैं, वह गलत ना हो जाए कहीं उनका चॉइस आगे चलकर गलत साबित ना हो जाए और उनका कैरियर खराब ना हो जाए। 

स्टूडेंट का यह डर वाजिब भी है, क्योंकि उनका आगे का कैरियर उनके इसी डिसीजन पर डिपेंड करता है। 

तो जरूरत है सावधानी से इस बहुत बड़े अपॉर्चुनिटी का इस्तेमाल कर अपने इंटरेस्ट के अनुसार अपना कैरियर चुनने की। 

इस आर्टिकल में हम आपकी मदद करेंगे कि कैसे आप अपने इंटरेस्ट को समझ सकते हैं और उसके अनुसार सही कोर्स चुनकर उसमें अपना कैरियर बना सकते हैं।

 

दसवीं के बाद सबसे अच्छा कैरियर विकल्प

स्टूडेंट्स को पहली बार जब दसवीं के बाद अपना कोर्स चुनने का मौका मिलता है, तो उनके लिए यह जानना भी जरूरी होता है, कि सबसे अच्छा करियर विकल्प क्या हो सकता है।

जैसा कि आप जानते हैं 10th के बाद आप साइंस, आर्ट्स, कामर्स या डिप्लोमा कोर्सेस लेकर पढ़ सकते हैं।

तो इन अवेलेबल ऑप्शंस में से आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन कौन सा होगा, यह जानना सभी स्टूडेंट्स के लिए बहुत जरूरी है।

दोस्तों जब दसवीं के बाद सबसे अच्छे कोर्स ऑप्शंस की बात आती है। तो सबसे सक्सेसफुल लोगों का मानना है कि सारे ऑप्शन सबसे बेस्ट है।

आपको डिसाइड करना है, कि आपके लिए कौन सा सब्जेक्ट सबसे अच्छा रहेगा, और वह डिसीजन आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार ले सकते हैं।

सारे सब्जेक्ट ही अच्छे हैं, आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार कोई एक सब्जेक्ट चूज कीजिए, जिसमें आपका मन लगता हो, जिसको पढ़ना आपको अच्छा लगता हो

आप उसमें अच्छा कर पाएंगे और अपने कैरियर को एक अच्छे मुकाम पर ले जा पाएंगे।

दसवीं के बाद सबसे अच्छा कैरियर विकल्प
दसवीं के बाद सबसे अच्छा कैरियर विकल्प

 

जैसे अगर आपको हिस्ट्री सब्जेक्ट पढ़ना अच्छा लगता है, तो आप आर्ट्स लेकर आगे पढ़ाई करें, ना कि इंजीनियरिंग के लिए चले जाएं।

वहीं अगर आपको साइंस सब्जेक्ट्स जैसे मैथ्स, फिजिक्स आदि अच्छे लगते हैं, तो आप साइंस ग्रुप लेकर आगे इंजीनियरिंग के लिए जा सकते हैं।

कोई भी स्टूडेंट तभी अपने कैरियर में अच्छा कर पाएगा, जब वह अपने इंटरेस्ट के अनुसार सब्जेक्ट चुनेगा, और अपनी पढ़ाई करेगा।

तो आप भी दसवीं के बाद अपना कैरियर चुनने से पहले, अपने आप को समझे कि आपको कौन सा सब्जेक्ट सबसे अच्छा लगता है।

आपने दसवीं में कौन से सब्जेक्ट में कैसा स्कोर किया है, यह भी थोड़ा सा आपको आपके सब्जेक्ट इंटरेस्ट को समझने में मदद कर सकता है।

जब आपको यह पता होगा, कि आपका फेवरेट सब्जेक्ट कौन सा है, तब उसके अनुसार आप चुनाव करें कि आगे कौन सा कोर्स लेना आपके इंटरेस्ट और कैरियर दोनों के लिए अच्छा होगा

आप कभी भी अपने दोस्त या रिलेटिव के अनुसार अपना कोर्स डिसाइड नहीं करें, हर इंसान का इंटरेस्ट अलग अलग होता है।
तो आपका इंटरेस्ट और आपके किसी रिलेटिव या दोस्त का इंटरेस्ट भी अलग- अलग ही होगा।

स्टूडेंट्स को अपना कैरियर चूज करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उनको आगे क्या क्या सब्जेक्ट पढ़ाए जाएंगे।

दसवीं के बाद जो भी करियर ऑप्शंस अवेलेबल होते हैं, उन सब के बारे में आपको नीचे बताया गया है।

आप उन सब अवेलेबल ऑप्शंस में से कोई भी एक ऑप्शन लेकर आगे अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।

दसवीं के बाद साइंस में कैरियर ऑप्शन

अगर आपका इंटरेस्ट साइंस सब्जेक्ट जैसे कि फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी या मैथ्स में है, तो आप साइंस ग्रुप का कोई भी सब्जेक्ट इंट्रेस्ट के अनुसार चुन सकते हैं

और उसमें अपना कैरियर बना सकते हैं।

साइंस के अंतर्गत भी आपके पास कई तरह के ऑप्शंस अवेलेबल हैं, जैसे कि अगर आपका इंटरेस्ट मैथमेटिक्स और इंजीनियरिंग में है। तो आप इंटरमीडिएट में फिजिक्स। केमिस्ट्री और  मैथ लेकर पढ़ सकते हैं।

या फिर अगर आपका इंटरेस्ट बायलॉजी या मेडिकल फील्ड में है, तो आप फिजिक्स, केमिस्ट्री के साथ बायोलॉजी सब्जेक्ट लेकर पढ़ सकते हैं।

अगर आपका इंटरेस्ट इंजीनियरिंग में है, तो आपके लिए एक और बढ़िया विकल्प डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग करना हो सकता है।

अगर आप यह कोर्स ज्वाइन करते हैं, तो इसका मतलब होता है कि आप दसवीं के बाद ही सीधे इंजीनियरिंग कोर्स में ज्वाइन कर रहे हैं।

अगर आप साइंस स्ट्रीम लेकर पढ़ाई करते हैं, तो उसके अंतर्गत आने वाले सब्जेक्ट जैसे की फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ और बायोलॉजी के अंतर्गत आपको क्या पढ़ना होता है, यह भी आपको जानना चाहिए-

फिजिक्स(Physics)-

फिजिक्स के अंतर्गत आपको मटेरियल, मोशन, और एनर्जी से रिलेटेड अलग-अलग तरह के टॉपिक्स पढ़ने होते हैं।

केमिस्ट्री(Chemistry)-

केमिस्ट्री के अंतर्गत आपको केमिकल्स के बारे में सब कुछ पढ़ना होता है, जैसे कि पानी, गैस आदि के बारे में।

बायोलॉजी(Biology)-

बायोलॉजी के अंतर्गत आपको जीव विज्ञान के बारे में पढ़ने को मिलता है जैसे कि मानव शरीर, पेड़ पौधे आदि।

मैथमेटिक्स(Mathematics)-

मैथमेटिक्स के अंतर्गत आपको मैथ्स सिखाया जाता है, जैसे कि लाभ- हानि, कैलकुलस, ट्रिगोनोमेट्री आदि।

अगर आप इंटरमीडिएट में साइंस सब्जेक्ट में मैथ्स लेकर पढ़ते हैं, तो आगे आप साइंस के सब्जेक्ट में हायर एजुकेशन जैसे कि बीएससी मैथ, बीएससी फिजिक्स, बीएससी केमिस्ट्री या इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं

वहीं अगर आप इंटरमीडिएट में साइंस के साथ बायोलॉजी लेकर पढ़ते ,हैं तो आप बायोलॉजी के फील्ड में अलग-अलग सब्जेक्ट जैसे कि बीएससी बॉटनी, बीएससी जूलॉजी, एमबीबीएस, बीडीएस, फार्मेसी, नर्सिंग आदि कोर्स कर सकते हैं।

और अगर आपने यह डिसाइड कर रखा है, कि आगे आपको आपके कैरियर में इंजीनियरिंग ही करना है, तो आप डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग कोर्स भी कर सकते हैं।

इस 3 साल के कोर्स के बाद आप अगर इंजीनियरिंग करना चाहे, तो सीधे आपको सेकंड ईयर में लेटरल एंट्री के थ्रू एडमिशन मिल जाता है।

तो आपका यहां 1 साल बच भी जाता है।

क्या बन सकते हैं?

अगर आप इंटरमीडिएट के दौरान साइंस लेकर पढ़ाई करते हैं, और आगे भी साइंस में ही अपना पढ़ाई जारी रखते हैं,

तो आप निम्नलिखित नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं ,और नौकरी पा सकते हैं।

आप निम्नलिखित मुकाम पर पहुंच सकते हैं-

  • इंजीनियर
  • डॉक्टर
  • नर्स
  • फार्मेसिस्ट
  • टीचर
  • कंटेंट राइटर
  • और अन्य गवर्नमेंट जॉब

दसवीं के बाद कॉमर्स में कैरियर ऑप्शन

अगर आपका इंटरेस्ट हिसाब- किताब, बैंकिंग आदि में है तो आप कॉमर्स सब्जेक्ट लेकर इंटरमीडिएट में पढ़ाई कर सकते हैं।

अगर आप इंटरमीडिएट में कॉमर्स लेकर पढ़ाई करते हैं, तो आप का मेन पेपर अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और मैथमेटिक्स होगा

अकाउंटेंसी(Accountancy)-

अकाउंटेंसी के अंतर्गत आपको हिसाब- किताब करना सीख लाया जाता है।

इकोनॉमिक्स(Economics)-

इकोनॉमिक्स सब्जेक्ट के अंतर्गत आपको इंडिया और वर्ल्ड इकोनामी के बारे में पढ़ाया जाता है।

अगर आप इंटरमीडिएट के दौरान कॉमर्स लेकर पढ़ाई करते हैं, तो आगे हायर एजुकेशन में आप बीकॉम, बीबीए , बीबीएम आदि कोर्स कर सकते हैं

अगर आप कामर्स के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आप निम्न पोस्ट को प्राप्त कर सकते हैं-

  • चार्टर्ड अकाउंटेंट
  • बिजनेस मैनेजर
  • बैंक मैनेजर
  • बिजनेस एनालिस्ट

दसवीं के बाद आर्ट्स में करियर विकल्प

अगर आपका इंटरेस्ट आर्ट्स सब्जेक्ट्स जैसे हिंदी ,इंग्लिश, हिस्ट्री, ज्योग्राफी ,पोलिटिकल साइंस, लॉ ,सोशल साइंस आदि में है, तो आप इंटरमीडिएट के दौरान आर्ट्स सब्जेक्ट लेकर पढ़ सकते हैं

इसके अलावा भी बहुत सारे आर्ट्स सब्जेक्ट होते हैं, जिनको लेकर आप हायर एजुकेशन कर सकते हैं

हिंदी-

हिंदी के अंतर्गत आपको हिंदी भाषा का संपूर्ण ज्ञान दिया जाता है जैसे की व्याकरण आदि।

इंग्लिश-

इंग्लिश सब्जेक्ट के अंतर्गत आपको इंग्लिश बोलना और लिखना दोनों सीख लाया जाता है।

हिस्ट्री-

हिस्ट्री के अंतर्गत आपको इंडिया और दुनिया के इतिहास के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाता है।

अगर आप इंटरमीडिएट के दौरान आर्ट सब्जेक्ट लेकर पढ़ते हैं, तो आगे आप आर्ट सब्जेक्ट से ही ग्रेजुएशन कर सकते हैं
साथ में आप चाहे तो लॉ भी अन्य अन्य कोर्स भी कर सकते हैं।

आर्ट्स सब्जेक्ट लेकर पढ़ने वाले स्टूडेंट निम्नलिखित पोस्ट प्राप्त करते हैं-

नागरिक सेवाएं
पत्रकारिता
जन संचार
प्रिंट पत्रकारिता
ललित कला
फोटोग्राफी
भूगोल
कपड़ा डिजाइनिंग
आभूषण डिजाइनिंग
आंतरिक / बाहरी डिजाइनिंग
कार्टूनिस्ट

दसवीं के बाद डिप्लोमा के ऑप्शंस

दसवीं करने के बाद कई कोर्सेज में डिप्लोमा करना भी एक अच्छा करियर ऑप्शन है

डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग और डिप्लोमा इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग सबसे ज्यादा फेमस कोर्स हैं।

वहीं अगर कोई स्टूडेंट चाहे तो डिप्लोमा इन एजुकेशन डिप्लोमा इन फैशन आदि भी कर सकता है।

अगर कोई स्टूडेंट डिप्लोमा करने के बाद इंजीनियरिंग करने जाता है तो उसे डायरेक्ट सेकंड ईयर में लेटर एंट्री के थ्रू एडमिशन मिल जाता है।

दसवीं करने के बाद आईटीआई के ऑप्शन

दसवीं करने के बाद एक बहुत ही बेहतरीन जॉब ओरिएंटेड प्रोफेशनल टेक्निकल कोर्स आईटीआई का भी ऑप्शन उपलब्ध है ।
जिसे कोई स्टूडेंट जिसका इंटरेस्ट टेक्निकल कोर्स में है कर सकता है।

आईटीआई के अंतर्गत बहुत सारे ब्रांच ऑप्शन है जैसे कि फिटर इलेक्ट्रिकल कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य।

आईटीआई कोर्स उन स्टूडेंट्स के लिए भी बेहतरीन है, जो कम समय में एक टेक्निकल कोर्स करके जल्दी कमाना शुरू करना चाहते हैं।

दसवीं के बाद अपने इंटरेस्ट के अनुसार सब्जेक्ट लेकर पढ़ाई करना क्यों जरूरी है?

स्टूडेंट्स जैसा कि आप जानते हैं, दसवीं तक आपको सारे सब्जेक्ट पढ़ने थे।

यहां तक आपके पास ऑप्शन नहीं था, कि यह सब्जेक्ट पढ़ना है, और यह नहीं पढ़ना है।

लेकिन जब आपके पास यह मौका आया है, कि आप अपने इंट्रेस्ट के अनुसार अपना सब्जेक्ट चुन सकते हैं।

और उसमें आगे अपना कैरियर बना सकते हैं, तो जरूर स्टूडेंट्स को अपने इंटरेस्ट को सबसे आगे रखना चाहिए अपना कोर्स चुनने में।

आपने अक्सर महसूस किया होगा, कि जिस सब्जेक्ट को पढ़ने में आपको मजा आता है, वह आपको आसानी से समझ में आता है।

और आप उसे कभी नहीं भूलते हैं, वहीं अगर किसी सब्जेक्ट में आपकी रुचि नहीं है, और आपको वह पढ़ना पड़ता है, तो वहां आपको उस सब्जेक्ट का रट्टा लगाना पड़ता है।

मतलब आप उस सब्जेक्ट को समझ ही नहीं पाते हैं, बस पास करने के लिए किसी तरह उस सब्जेक्ट को याद करने की कोशिश करते हैं।

चाहे कोई भी सब्जेक्ट हो, आप उसमें अच्छा तभी कर पाएंगे जब आप उस सब्जेक्ट को समझ पाएंगे।

किसी भी सब्जेक्ट में कुछ नया करने के लिए सबसे जरूरी है, कि आप उस सब्जेक्ट को बेहतर ढंग से समझे।

जैसे अगर किसी स्टूडेंट का इंटरेस्ट इकोनॉमिक्स में है, और उसे इंजीनियरिंग करने के लिए भेज दिया जाता है, तो आप समझ सकते हैं कि उस स्टूडेंट की हालत क्या होगी।

ज्यादा उम्मीद है कि या छात्र जिसे जबरदस्ती इंजीनियरिंग में भेज दिया गया ,वह इंजीनियरिंग कोर्स के दौरान अच्छा नहीं कर पाएगा।

वहीं अगर उसे उसके मनपसंद इकोनॉमिक्स सब्जेक्ट पढ़ने के लिए आगे प्रोत्साहित किया जाता, तो वह जरूर उस फील्ड में अच्छा करता, कुछ नया करता।

 

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है कि दसवीं के बाद कैरियर विकल्प के बारे में यह आर्टिकल आपको पसंद आएगा।

अगर आप  Career options after 10th के बारे में इंग्लिश में पढ़ना चाहें, तो कैरियर कनेक्शंस पर विजिट कर सकते हैं।

 

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